रंगों की चाहत सबको होती है और प्रकृति में बेशुमार रंग भरे हैं रंगों की चाहत सबको होती है और प्रकृति में बेशुमार रंग भरे हैं
सिद्धार्थ से बुद्ध की आत्मा के परमात्मा का यथार्थ सत्यार्थ।। सिद्धार्थ से बुद्ध की आत्मा के परमात्मा का यथार्थ सत्यार्थ।।
बेइंतेहा मोहब्बत करने की गुस्ताखी की है हमने, तुझे खुद से भी ज्यादा चाहने की कोशिश की बेइंतेहा मोहब्बत करने की गुस्ताखी की है हमने, तुझे खुद से भी ज्यादा चाहने की ...
भूख प्यास लाचारगी और गरीबी की कोई जात नहीं होती है, भूख प्यास लाचारगी और गरीबी की कोई जात नहीं होती है,
जिंदगी के लम्हो में साथ साथ जिया हमने गांव की गलियो में पचपन की शरारत। जिंदगी के लम्हो में साथ साथ जिया हमने गांव की गलियो में पचपन की शरारत।
जीने की कोई चाहत नहीं होती है, तेरे बिन ज़िन्दगी में कोई आहट नहीं होती है। यूँ न तो जीने की कोई चाहत नहीं होती है, तेरे बिन ज़िन्दगी में कोई आहट नहीं होती है। ...